UP High Court RO / ARO 07 Jan 2022 Shift 2

‘आत्मोसर्ग’ में प्रयुक्त संधि है - (Which Sandhi is used in 'Atmosarg'?)

Verified Answer
A. गुण (Guna)
B. वृद्धि (Vriddhi)
C. दीर्घ (Dirgha)
D. यण् (Yan)

Explanation:

यह प्रश्न 'आत्मोसर्ग' शब्द में प्रयुक्त संधि के प्रकार को पहचानने से संबंधित है। संधि दो वर्णों के मेल से होने वाले परिवर्तन को कहते हैं। सबसे पहले, हम 'आत्मोसर्ग' शब्द का संधि विच्छेद करते हैं: आत्मोसर्ग = आत्म + उत्सर्ग यहां, 'आत्म' शब्द का अंतिम वर्ण 'अ' (म में निहित) है और 'उत्सर्ग' शब्द का पहला वर्ण 'उ' है। जब 'अ' या 'आ' के बाद 'इ' या 'ई' आए तो 'ए', 'उ' या 'ऊ' आए तो 'ओ', और 'ऋ' आए तो 'अर्' हो जाता है, तो उसे गुण संधि कहते हैं। इस मामले में, 'अ' + 'उ' मिलकर 'ओ' बनाते हैं। यह गुण संधि का नियम है। विकल्प A: गुण (Guna) सही उत्तर है, क्योंकि 'अ' + 'उ' = 'ओ' का परिवर्तन गुण संधि का उदाहरण है। विकल्प B: वृद्धि (Vriddhi) संधि तब होती है जब 'अ' या 'आ' के बाद 'ए' या 'ऐ' आए तो 'ऐ', और 'ओ' या 'औ' आए तो 'औ' हो जाता है। यह यहाँ लागू नहीं होता। विकल्प C: दीर्घ (Dirgha) संधि तब होती है जब समान स्वर आपस में मिलकर दीर्घ हो जाते हैं (जैसे अ+अ=आ, इ+इ=ई)। यह यहाँ लागू नहीं होता। विकल्प D: यण् (Yan) संधि तब होती है जब 'इ', 'ई', 'उ', 'ऊ', 'ऋ' के बाद कोई भिन्न स्वर आए तो वे क्रमशः 'य', 'व', 'र' में बदल जाते हैं। यह यहाँ लागू नहीं होता। अतः, 'आत्मोसर्ग' शब्द में गुण संधि प्रयुक्त हुई है।