समप्राय भूमि को परिभाषित कीजिए । विभिन्न भू-आकृतिक चक्रों के अंतर्गत समप्राय भूमि के साथ जुड़ी हुई दृश्यभूमि विशेषताओं का वर्णन कीजिए । Define Peneplains. Describe the landscape features associated with peneplains under different geomorphic cycles.
समप्राय भूमि (Peneplain) की परिभाषा: समप्राय भूमि (Peneplain) एक विस्तृत, निम्न-राहत वाला, धीरे-धीरे ढलान वाला मैदान है जो लंबे समय तक अपरदन (erosion) के अंतिम चरण के परिणामस्वरूप बनता है। यह एक भू-आकृतिक चक्र के अंत में बनने वाली एक ऐसी स्थलाकृति है जहाँ अधिकांश उच्च भूभाग घिस चुके होते हैं और परिदृश्य लगभग आधार स्तर (base level) तक समतल हो जाता है। 'पेनेप्लेन' शब्द का अर्थ 'लगभग एक मैदान' है, जिसे विलियम मॉरिस डेविस (William Morris Davis) ने गढ़ा था। इसमें आमतौर पर कुछ अवशिष्ट पहाड़ियाँ या टीले (जिन्हें 'मोनाडनॉक' कहा जाता है) हो सकते हैं जो अपरदन के प्रति अधिक प्रतिरोधी होते हैं।
विभिन्न भू-आकृतिक चक्रों के अंतर्गत समप्राय भूमि से जुड़ी दृश्यभूमि विशेषताएँ:
भू-आकृतिक चक्र (Geomorphic Cycle) एक अवधारणा है जो बताती है कि भू-आकृतियाँ समय के साथ कैसे विकसित होती हैं, उत्थान से लेकर अपरदन के अंतिम चरण तक। विभिन्न भू-आकृतिकविदों ने इस चक्र की व्याख्या अलग-अलग तरीकों से की है, और प्रत्येक दृष्टिकोण में समप्राय भूमि और उससे जुड़ी विशेषताओं की अपनी समझ है।
1. डेविस का भू-आकृतिक चक्र (Davisian Cycle of Erosion): विलियम मॉरिस डेविस ने 'युवावस्था', 'प्रौढ़ावस्था' और 'वृद्धावस्था' के चरणों के साथ एक चक्रीय मॉडल प्रस्तावित किया। समप्राय भूमि इस चक्र की 'वृद्धावस्था' का अंतिम उत्पाद है।
- युवावस्था: उत्थान के बाद, नदियाँ तेजी से नीचे की ओर कटाव करती हैं, जिससे गहरी, V-आकार की घाटियाँ और तीव्र ढलान बनते हैं।
- प्रौढ़ावस्था: नदियाँ पार्श्व कटाव (lateral erosion) करना शुरू करती हैं, घाटियाँ चौड़ी होती हैं, और जल विभाजक संकरे होते जाते हैं।
- वृद्धावस्था: यह वह चरण है जहाँ समप्राय भूमि विकसित होती है।
- दृश्यभूमि विशेषताएँ:
- विस्तृत, निम्न-राहत वाले मैदान: परिदृश्य में बहुत कम ऊँचाई का अंतर होता है, और ढलान बहुत कोमल होते हैं।
- मोनाडनॉक (Monadnocks): ये अपरदन-प्रतिरोधी चट्टानों से बनी अवशिष्ट पहाड़ियाँ या टीले होते हैं जो समप्राय भूमि के ऊपर खड़े होते हैं। ये अपरदन के अंतिम चरण के एकमात्र अवशेष होते हैं। उदाहरण के लिए, संयुक्त राज्य अमेरिका में माउंट मोनाडनॉक जिसके नाम पर यह शब्द पड़ा।
- मंद-प्रवाहित, विसर्पी नदियाँ: नदियाँ बहुत कम ढलान पर बहती हैं, जिससे वे व्यापक रूप से विसर्पी (meandering) होती हैं और अपने बाढ़ के मैदानों में जमाव करती हैं।
- व्यापक जलोढ़ निक्षेप: नदियों द्वारा लाई गई तलछट व्यापक रूप से फैल जाती है।
- दृश्यभूमि विशेषताएँ:
2. पेंक का भू-आकृतिक चक्र (Penck's Cycle of Erosion): वाल्थर पेंक ने डेविस के मॉडल की आलोचना की और एक ऐसा मॉडल प्रस्तावित किया जहाँ उत्थान और अपरदन एक साथ होते हैं। उनके मॉडल में, 'एंड्रमफ' (Endrumpf) डेविस के समप्राय भूमि के समान है, लेकिन यह अपरदन के एक अलग तरीके से बनता है।
- उत्पत्ति: पेंक के अनुसार, एंड्रमफ तब बनता है जब उत्थान की दर अपरदन की दर से कम हो जाती है, जिससे ढलान पीछे हटते हैं (slope retreat) और एक विस्तृत, निम्न-ढलान वाली सतह बनती है।
- दृश्यभूमि विशेषताएँ:
- एंड्रमफ (Endrumpf): यह एक अवतल-उत्तल ढलान प्रोफ़ाइल के साथ एक विस्तृत, निम्न-राहत वाली सतह है। यह डेविस के समप्राय भूमि की तुलना में अधिक सक्रिय ढलान प्रक्रियाओं का परिणाम है।
- इन्सलबर्ग (Inselbergs): ये मोनाडनॉक के समान हैं, लेकिन पेंक के मॉडल में, वे ढलान के समानांतर पीछे हटने (parallel slope retreat) के कारण बनते हैं, जिससे वे एंड्रमफ के ऊपर अचानक खड़े दिखाई देते हैं।
- विस्तृत घाटियाँ और कोमल ढलान: परिदृश्य में व्यापक, कोमल ढलान होते हैं जो ढलान के पीछे हटने की प्रक्रिया को दर्शाते हैं।
3. किंग का भू-आकृतिक चक्र (King's Cycle of Pedimentation): लेस्टर किंग ने शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में भू-आकृतियों के विकास पर ध्यान केंद्रित किया और 'पेडिप्लेन' (Pediplain) की अवधारणा प्रस्तुत की, जो समप्राय भूमि के समान है लेकिन एक अलग प्रक्रिया से बनती है।
- उत्पत्ति: किंग के अनुसार, पेडिप्लेन 'पेडिमेंट' (pediments) के पार्श्व विस्तार और विलय से बनता है। पेडिमेंट शुष्क क्षेत्रों में पर्वतीय अग्रभाग पर बनने वाली कोमल ढलान वाली चट्टानी सतहें हैं, जो ढलान के समानांतर पीछे हटने और चादर अपरदन (sheet erosion) के कारण बनती हैं।
- दृश्यभूमि विशेषताएँ:
- पेडिप्लेन (Pediplain): यह एक विस्तृत, लगभग समतल सतह है जो कई पेडिमेंट के विलय से बनती है। यह शुष्क और अर्ध-शुष्क जलवायु में अपरदन का अंतिम चरण है।
- इन्सलबर्ग (Inselbergs): पेंक के मॉडल की तरह, इन्सबर्ग पेडिप्लेन के ऊपर खड़े होते हैं, जो अपरदन के प्रति प्रतिरोधी चट्टानों के अवशेष होते हैं।
- तीव्र ढलान वाले पर्वतीय अग्रभाग: पेडिप्लेन अक्सर तीव्र ढलान वाले पर्वतीय अग्रभागों से घिरा होता है, जो ढलान के समानांतर पीछे हटने की प्रक्रिया को दर्शाता है।
- पतली जलोढ़ परत: पेडिप्लेन पर अक्सर जलोढ़ की एक पतली परत होती है, जो नीचे की चट्टानी सतह को ढकती है।
संक्षेप में, समप्राय भूमि एक भू-आकृतिक चक्र के अंतिम चरण का प्रतिनिधित्व करती है, जहाँ अपरदन ने परिदृश्य को लगभग आधार स्तर तक समतल कर दिया है। जबकि डेविस ने इसे 'वृद्धावस्था' के उत्पाद के रूप में देखा जिसमें मोनाडनॉक होते हैं, पेंक और किंग ने क्रमशः एंड्रमफ और पेडिप्लेन की अवधारणाएँ प्रस्तुत कीं, जो इन्सबर्ग के साथ ढलान के समानांतर पीछे हटने जैसी प्रक्रियाओं के माध्यम से बनती हैं, विशेष रूप से शुष्क और अर्ध-शुष्क वातावरण में।