Geography Optional 2023 Paper I

स्थानीय पवनों की उत्पत्ति के कारण क्या हैं ? समुचित उदाहरण दे कर विभिन्न क्षेत्रों में प्रचलित मौसम एवं जलवायु पर इनके महत्व की चर्चा कीजिए । What are the causes of origin of local winds ? Discuss their significance on prevailing weather and climate in various regions, with suitable examples.

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स्थानीय पवनें (Local Winds) वे पवनें होती हैं जो अपेक्षाकृत छोटे भौगोलिक क्षेत्र में उत्पन्न होती हैं और उस क्षेत्र के मौसम और जलवायु को प्रभावित करती हैं। ये पवनें क्षेत्रीय दाब प्रवणता और स्थलाकृतिक विशेषताओं के कारण उत्पन्न होती हैं, जो बड़े पैमाने पर वायुमंडलीय परिसंचरण पैटर्न से भिन्न होती हैं।

स्थानीय पवनों की उत्पत्ति के कारण:

  1. विभेदक तापन (Differential Heating): भूमि और जल के अलग-अलग तापन और शीतलन दर स्थानीय दाब प्रवणता उत्पन्न करते हैं। उदाहरण के लिए, दिन के समय भूमि जल की तुलना में तेजी से गर्म होती है, जिससे भूमि पर निम्न दाब और जल पर उच्च दाब बनता है, और हवा जल से भूमि की ओर चलती है (समुद्री समीर)। रात में इसका उलटा होता है (स्थलीय समीर)।
  2. स्थलाकृति (Topography): पहाड़ियाँ, पहाड़, घाटियाँ और तटीय रेखाएँ हवा के प्रवाह को संशोधित करती हैं और स्थानीय पवनों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
  3. दाब प्रवणता (Pressure Gradients): स्थानीय तापमान अंतर के कारण उत्पन्न होने वाले छोटे पैमाने के दाब अंतर हवा को गति प्रदान करते हैं।
  4. घर्षण (Friction): स्थलाकृति के कारण घर्षण भी हवा की गति और दिशा को प्रभावित करता है।

विभिन्न क्षेत्रों में प्रचलित मौसम एवं जलवायु पर महत्व और उदाहरण:

  1. समुद्री समीर और स्थलीय समीर (Sea Breeze and Land Breeze):

    • उत्पत्ति: दिन में भूमि जल से अधिक गर्म होती है, जिससे भूमि पर निम्न दाब बनता है और समुद्री समीर (समुद्र से भूमि की ओर) चलती है। रात में भूमि जल से अधिक ठंडी होती है, जिससे भूमि पर उच्च दाब बनता है और स्थलीय समीर (भूमि से समुद्र की ओर) चलती है।
    • महत्व: तटीय क्षेत्रों में तापमान को नियंत्रित करती हैं। समुद्री समीर दिन में तटीय क्षेत्रों को ठंडा करती है और आर्द्रता बढ़ाती है, जबकि स्थलीय समीर रात में तापमान को कम करती है। ये तटीय शहरों में प्रदूषण को फैलाने में भी मदद करती हैं।
    • उदाहरण: मुंबई, चेन्नई जैसे तटीय शहरों में दिन के समय समुद्री समीर गर्मी से राहत प्रदान करती है।
  2. घाटी समीर और पर्वतीय समीर (Valley Breeze and Mountain Breeze):

    • उत्पत्ति: दिन में घाटी की ढलानें आसपास की हवा से अधिक गर्म होती हैं, जिससे हवा ऊपर की ओर घाटी से पर्वत शिखर की ओर चलती है (घाटी समीर)। रात में ढलानें तेजी से ठंडी होती हैं, जिससे ठंडी, घनी हवा ढलान से नीचे घाटी की ओर बहती है (पर्वतीय समीर)।
    • महत्व: पहाड़ी क्षेत्रों में दैनिक तापमान चक्र और स्थानीय संवहन पैटर्न को प्रभावित करती हैं। पर्वतीय समीर अक्सर रात में घाटियों में ठंडी हवा जमा करती है, जिससे तापमान व्युत्क्रमण और पाला पड़ सकता है।
    • उदाहरण: हिमालयी घाटियों में दिन और रात के तापमान में अंतर को प्रभावित करती हैं।
  3. फॉन/चिनूक पवनें (Foehn/Chinook Winds):

    • उत्पत्ति: जब नम हवा पहाड़ों पर चढ़ती है, तो यह ठंडी होती है और अपनी नमी को वर्षा के रूप में छोड़ देती है। पहाड़ के दूसरी ओर उतरते समय, यह हवा संपीड़ित होती है और गर्म और शुष्क हो जाती है।
    • महत्व: ये पवनें पहाड़ के लीवार्ड (पवनविमुख) पक्ष पर तापमान को तेजी से बढ़ा सकती हैं और बर्फ को पिघला सकती हैं।
    • उदाहरण: रॉकी पर्वत के पूर्वी ढलानों पर चिनूक पवनें कनाडा और संयुक्त राज्य अमेरिका में सर्दियों में तापमान को तेजी से बढ़ाती हैं, जिससे 'स्नो ईटर' के रूप में जाना जाता है। आल्प्स में फॉन पवनें भी इसी तरह का प्रभाव डालती हैं।
  4. लू (Loo):

    • उत्पत्ति: उत्तरी भारत के मैदानी इलाकों में गर्मियों में चलने वाली अत्यधिक गर्म और शुष्क पवनें, जो थार रेगिस्तान से आती हैं। ये उच्च तापमान और निम्न आर्द्रता वाले क्षेत्रों में विकसित होती हैं।
    • महत्व: ये पवनें गंभीर गर्मी की लहरें लाती हैं, जिससे निर्जलीकरण और हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। ये फसलों को भी नुकसान पहुँचा सकती हैं।
    • उदाहरण: मई और जून के महीनों में उत्तर भारत में लू का अनुभव होता है।
  5. मिस्ट्रल (Mistral) और बोरा (Bora):

    • उत्पत्ति: ये ठंडी, शुष्क और तेज पवनें हैं जो पहाड़ों से नीचे तटीय मैदानों की ओर बहती हैं। मिस्ट्रल फ्रांस में आल्प्स से भूमध्य सागर की ओर बहती है, जबकि बोरा बाल्कन पहाड़ों से एड्रियाटिक सागर की ओर बहती है। ये उच्च दाब प्रणालियों से जुड़ी होती हैं।
    • महत्व: ये पवनें तापमान को तेजी से गिराती हैं और तटीय क्षेत्रों में ठंडी, शुष्क स्थितियाँ लाती हैं, जिससे फसलों को नुकसान हो सकता है और समुद्री गतिविधियों को बाधित कर सकती हैं।
    • उदाहरण: फ्रांस के रोन घाटी में मिस्ट्रल पवनें चलती हैं, और क्रोएशिया के तट पर बोरा पवनें चलती हैं।

स्थानीय पवनें, हालांकि छोटे पैमाने पर काम करती हैं, लेकिन वे अपने संबंधित क्षेत्रों के दैनिक मौसम और दीर्घकालिक जलवायु पैटर्न को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करती हैं, जिससे कृषि, जल संसाधन और मानव जीवन पर सीधा प्रभाव पड़ता है।